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छत्तीसगढ़

जल संसाधन विभाग के दो साल की उपलब्धि को लेकर हुई प्रेस वार्ता- सचिव राजेश टोप्पो ने गिनाई उपलब्धि




रायपुर /शासन के मंशा के अनुरूप विभाग का मूल दायित्व जल संरक्षण एवं संवर्धन करते हुए प्रदेश में सिंचाई क्षमता का विकास कर अधिक से अधिक कृषकों तक सिंचाई का लाभ पहुंचाना होता है। जल एक महत्वपूर्ण एवं मूल्यवान संसाधन है। जिसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है।यह बाते सचिव राजेश टोप्पो ने कही उन्होंने कहा की जल संसाधन विभाग प्रदेश के सर्वागीण विकास में जल के संरक्षण एवं प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने तथा राज्य में कृषि, पेयजल निस्तारी एवं आद्योगिक प्रयोजन हेतु जल की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है।
विभाग का मूल दायित्व न केवल प्रदेश में सिंचाई क्षमता का विकास करना है बल्कि बहुमूल्य जल संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन एवं नवीन योजनाओं का सर्वेक्षण, निर्माण एवं निर्मित संसाधनों का रख रखाव करना भी है। साथ ही बाढ़ नियंत्रण की योजनाए बनाना एवं जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न परिस्थितियों का आंकलन कर जल संवर्धन योजनाए प्रस्तावित करना भी शामिल है।सिंचाई क्षमता में वृद्धिः छत्तीसगढ़ जल संसाधन वे पिछले दो वर्षों सिंचाई क्षमता 25000 हेक्टयर की वृद्धि हासिल की है जिसमेंकुल विकसित सिंचाई क्षमता 2176000 हेक्टर हो गई है।जल संचयन और संरक्षणः जल शक्ति अभिायन ‘कैच द रेन इस अभियान के तहत केन्द्र शासन द्वारा जल संघय जन भागीदारी पुरस्कार” शुरू किये गये है जो समुदाय संचालित जल संरक्षण प्रयासो को सम्मानित करते हैं।
जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर छठे राष्ट्रीय जल संचय जन भागीदारी “श्रेणी में भी छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ठ राज्य शासन द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वही नगरी निकाय श्रेणी में रायपुर नगर निगम को प्रथम स्थान मिला। इसके अलावा पूर्वी जोन के जिलों में विभिन्न श्रेणियों में बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, महासमुन्द, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर एवं रायगढ़ को भी जल संचय जन भागीदारी अवार्ड से सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिताएः जल संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए जल संरक्षण 2.0 पर सफलता की महाती जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गई।
पिछले दो वर्षों में जल संसाधन विभाग की उपलब्धियों में सिंचाई क्षमता में 25000 हेक्टेयर की वृद्धि और राष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण के लिए विभिन्न अभियान और पुरस्कार शामिल है। ये उपलब्धियां जल संरक्षण, संचयन और बेहतर जल प्रबंधन के प्रति सरकार के प्रयासो को दर्शाती है।







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