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छत्तीसगढ़

भगवान चित्रगुप्त न्याय और कर्म के देवता हैं और उनका संदेश साफ है—जो जैसा करेगा, वैसा फल पाएगा – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री चित्रगुप्त आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं कायस्थ समाज के सदस्यों को प्राकट्य उत्सव के सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में चित्रांश महोत्सव स्मारिका सहित बच्चों की सीख एवं ग़ज़ल-मुक्तक संग्रह पुस्तिका का विमोचन किया गया। कायस्थ समाज के प्रतिभावान छात्रों और विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि भगवान चित्रगुप्त न्याय और कर्म के देवता हैं और उनका संदेश साफ है—जो जैसा करेगा, वैसा फल पाएगा। उन्होंने कहा कि जीवन में सच्चाई, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और यही मूल्य हमारे समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कायस्थ समाज के इतिहास को गौरवशाली बताते हुए कहा कि इस समाज ने शिक्षा, लेखन, प्रशासन, न्याय और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समाज के सभी वर्गों के सम्मान और विकास के लिए संकल्पित है और सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और जनकल्याण के कार्य उनकी प्राथमिकता में हैं। मुख्यमंत्री ने भगवान श्री चित्रगुप्त के आशीर्वाद की कामना करते हुए कहा कि उनका आशीष हमें सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आयोजक मंडल को भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस आयोजन से न केवल हमारी सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी, बल्कि इससे नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से भी परिचित होगी। कायस्थ समाज के सदस्यों का देश की आज़ादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान रहा, साथ ही कला, साहित्य, संगीत सहित विभिन्न विधाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने समाज की महान विभूतियों को याद किया।

इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक एवं छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित करते हुए समाज की गतिविधियों से अवगत कराया।इस मौके पर आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं कायस्थ समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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