‘स्वर थम गया, लेकिन गूंज अमर रहेगी’— पंडवानी की महान साधिका को श्रद्धांजलि

भिलाई नगर। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण एवं सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने गहरा शोक व्यक्त किया है।उन्होंने कहा कि आज एक युग का अंत हुआ है। तीजन बाई का स्वर भले ही मौन हो गया हो, लेकिन उनकी पंडवानी की गूंज आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
यह केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश की सांस्कृतिक दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है।विधायक सेन ने कहा कि तीजन बाई ने अपनी ओजस्वी आवाज़, अद्भुत अभिनय और बेमिसाल प्रस्तुति से पंडवानी को गांव की चौपाल से निकालकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। उन्होंने पूरी दुनिया को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति से परिचित कराया और प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
जब कठिन दौर में विधायक बने सहारा
विधायक रिकेश सेन ने बताया कि वर्ष 2023 में तीजन बाई को लकवे (पैरालिसिस) का दौरा पड़ा था। उस समय उनका परिवार इलाज के भारी खर्च और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। इतना ही नहीं, उनकी आठ महीने की पेंशन भी लंबित थी। जैसे ही यह जानकारी विधायक रिकेश सेन तक पहुंची, उन्होंने तत्काल राज्य सरकार और प्रशासन से चर्चा कर पेंशन सहित अन्य आवश्यक सहायता दिलाने की पहल की। साथ ही मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए अपने विधायक मानदेय से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी तीजन बाई के इलाज के लिए प्रदान की।
इस अवसर पर विधायक रिकेश सेन ने तीजन बाई की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत एक हजार सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम का नाम ‘पद्म विभूषण तीजन बाई ऑडिटोरियम’ रखा जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी महान कला, संघर्ष और सांस्कृतिक योगदान से प्रेरणा ले सकें।
रिकेश सेन ने कहा कि हमारी संस्कृति की धरोहरों का सम्मान केवल पुरस्कारों से नहीं, बल्कि कठिन समय में उनके साथ खड़े होकर किया जाता है। तीजन बाई जैसी महान विभूतियां सदैव हमारी प्रेरणा रहेंगी।उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।