चंद घंटों में चोरी के दो मामलों का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार; 8 लाख रुपये के सोने के जेवरात बरामद

भिलाई। चौकी स्मृतिनगर पुलिस ने चोरी के दो मामलों का त्वरित खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सोने के जेवरात समेत दोनों मामलों से संबंधित करीब 8 लाख रुपये की मशरूका बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों को विधिवत न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को मोहम्मद मोहसिन खान, उम्र 32 वर्ष, निवासी दुर्गानगर, जुनवानी रोड, भिलाई ने चौकी स्मृतिनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि करीब दो-तीन माह पूर्व उसके 17 वर्षीय नाबालिग भांजे को आरोपी अनुराग कुर्रे और उसके साथियों ने धमकाकर घर से सोने के जेवरात लाने के लिए दबाव बनाया था। आरोपियों के कथित दबाव में नाबालिग के माध्यम से घर से दो सोने की अंगूठी, एक सोने का हार, एक जोड़ी सोने की कान की बाली और एक सोने का मंगलसूत्र चोरी कराया गया।
शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 1158/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी एवं विवेचनात्मक जानकारी के आधार पर संदिग्धों की पतासाजी की और उन्हें अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के जेवरात बरामद किए।
जांच के दौरान पुलिस को चौकी स्मृतिनगर के एक अन्य अपराध क्रमांक 1157/2026 से संबंधित चोरी की मशरूका के बारे में भी जानकारी मिली। पुलिस ने दोनों मामलों को जोड़कर कार्रवाई करते हुए अलग-अलग चोरी की संपत्ति बरामद की। दोनों प्रकरणों में बरामद मशरूका की कुल कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनुराग कुर्रे (18 वर्ष), निवासी संजय नगर कुम्हारपारा, सुपेला; करन सोनी (25 वर्ष), निवासी भीमनगर वार्ड क्रमांक-10, सुपेला; और रोहित गुप्ता (23 वर्ष), निवासी संजय पारा, भगत सिंह चौक, सुपेला के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर नाबालिग को धमकाकर उसका इस्तेमाल चोरी की वारदात में किया और चोरी की संपत्ति अपने कब्जे में ले ली। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल आरोपियों तक पहुंच बनाई गई, बल्कि दोनों मामलों में चोरी की संपत्ति की बरामदगी भी सुनिश्चित हुई।
इस कार्रवाई में चौकी स्मृतिनगर पुलिस टीम की त्वरित पतासाजी, पूछताछ और विवेचनात्मक कार्रवाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नाबालिग बच्चों को धमकाने, उन पर दबाव डालने अथवा किसी आपराधिक गतिविधि में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने कहा कि चोरी या अन्य अपराधों की सूचना समय पर मिलने से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और चोरी की संपत्ति की बरामदगी में मदद मिलती है।



