टिकट किसे मिलेगा? छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव 2026 में अंदरखाने तेज सियासी जंग

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। 16 मार्च 2026 को होने वाले इस चुनाव में प्रदेश की एक सीट दांव पर है, और नामांकन प्रक्रिया 26 फरवरी से 5 मार्च तक निर्धारित की गई है। विधानसभा के भीतर भाजपा विधायक ओपी चौधरी द्वारा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत का नाम चर्चा में लाए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर और तेज हो गया है।
क्या महंत दिल्ली जाएंगे?
डॉ. चरण दास महंत का नाम कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों में चर्चित जरूर है, लेकिन अब तक उन्हें आधिकारिक तौर पर उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान अभी भी अंतिम निर्णय पर मंथन कर रहा है। ऐसे में महंत का राज्यसभा जाना फिलहाल अटकलों के दायरे में ही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महंत का अनुभव, संगठन में पकड़ और पूर्व केंद्रीय मंत्री के रूप में उनकी पृष्ठभूमि उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है। हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या कांग्रेस विधानसभा में अपने मुखर नेता को दिल्ली भेजकर राज्य स्तर पर विपक्ष की आवाज कमजोर करेगी?
स्थानीय बनाम हाईकमान की रणनीति
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने संकेत दिए हैं कि स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कांग्रेस के भीतर यह बहस जारी है कि राज्यसभा में स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने के लिए नया चेहरा आगे किया जाए या अनुभवी नेतृत्व पर भरोसा जताया जाए।
अन्य संभावित नाम
चर्चा में टीएस सिंहदेव और फूलो देवी नेताम जैसे नाम भी शामिल हैं। सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए पार्टी नए विकल्पों पर भी विचार कर रही है। अभी तक किसी नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगी है।
भाजपा का रुख
भाजपा खेमे का कहना है कि कांग्रेस के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर असमंजस की स्थिति है। हालांकि विधानसभा के वर्तमान संख्याबल के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है। फिर भी आधिकारिक घोषणा तक राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।
चुनावी गणित और आगे की राह
राज्यसभा चुनाव केवल एक सीट का मामला नहीं, बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी माना जा रहा है। 2028 के विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में यह चयन कांग्रेस की रणनीतिक दिशा तय कर सकता है।
संक्षेप में:
डॉ. चरण दास महंत का नाम चर्चा में जरूर है, लेकिन अभी तक उनकी उम्मीदवारी घोषित नहीं हुई है। कांग्रेस के भीतर विचार-विमर्श जारी है और अंतिम फैसला हाईकमान द्वारा लिया जाएगा। 5 मार्च तक नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। तब तक छत्तीसगढ़ की सियासत में अटकलों और रणनीतियों का दौर जारी रहेगा।



