——
भोपालमध्य प्रदेश

ट्रांसजेंडर के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मंत्री नारायण सिंह कुशवाह

मध्यप्रदेश राज्य उभयलिंगी कल्याण बोर्ड की बैठक में सोमवार को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि उभयलिंगी समुदाय के अधिकारों की रक्षा एवं उनके समग्र विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

बैठक में प्रदेश में उभयलिंगी (ट्रांसजेंडर) वर्ग के कल्याण के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की समीक्षा की गई। बैठक में आगामी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजल कल्याण श्रीमति सोनाली वायंगणकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि राज्य सरकार उभयलिंगी व्यक्तियों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से प्रदान करना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र एवं परिचय पत्र जारी करने की जिला स्तर पर प्रगति की समीक्षा की गई और इस प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं तेज बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं में उभयलिंगी व्यक्तियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि सभी विभाग समन्वय स्थापित कर इस वर्ग के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कौशल विकास के अवसर सुनिश्चित करें। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।

बैठक में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए ‘गरिमा गृह’ (शेल्टर होम) की स्थापना के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षित आवास की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि यह पहल इस वर्ग के लोगों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी।

बैठक में बोर्ड के सदस्यों एवं समाजसेवियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने जागरूकता अभियान चलाने, सामाजिक भेदभाव को कम करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Related Articles

Back to top button