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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार धीमी, उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी; बुधवार से फिर सक्रिय हो सकता है मौसम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों में फिलहाल कमी देखने को मिल रही है। बारिश का दौर धीमा पड़ने के साथ ही कई इलाकों में दिन के समय धूप निकल रही है, जिसके चलते लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में आए इस बदलाव के बीच अब लोगों की नजर अगले कुछ दिनों के मौसम पर टिकी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी प्रदेश में मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहने की संभावना है। हालांकि, बुधवार से बारिश की गतिविधियों में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं।

अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात भी हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन मौजूदा समय में मानसूनी सिस्टम उतना सक्रिय नहीं है, जितना कुछ दिन पहले था। इसके कारण प्रदेश में व्यापक बारिश की जगह कुछ चुनिंदा इलाकों में ही वर्षा देखने को मिल रही है।

सोमवार को भी प्रदेश के कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर कई जिलों में दिन के समय धूप निकलने के कारण तापमान बढ़ा और वातावरण में नमी के चलते उमस ज्यादा महसूस हुई।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में मौसमी वर्षा सामान्य के आसपास है। अब तक कुल बारिश में 5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को प्रदेश के मौसम में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

हालांकि, मंगलवार के मुकाबले बुधवार को बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है।

कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में बारिश के दौरान लोगों को खुले मैदान, बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।

खासकर ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आकाशीय बिजली के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

राजधानी रायपुर में मंगलवार को मौसम आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 8 सितंबर को रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

दिन में बादलों के बीच धूप निकलने की वजह से उमस महसूस हो सकती है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव होने पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं।

रायपुर के लोगों के लिए बुधवार का दिन ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा सकता है, क्योंकि इसी दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।

सोमवार को प्रदेश के तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार दुर्ग में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह प्रदेश में सोमवार का सबसे अधिक अधिकतम तापमान रहा।

वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

बारिश की गतिविधियां कमजोर होने के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हालांकि, रात के तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई। बलरामपुर जिले के कुसमी में सबसे ज्यादा 5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

इसके अलावा कई अन्य स्थानों पर भी बारिश हुई।

  • कुसमी, बलरामपुर – 5 सेमी
  • कटेकल्याण, दंतेवाड़ा – 3 सेमी
  • कुआकोंडा, दंतेवाड़ा – 2 सेमी
  • नानगुर, बस्तर – 2 सेमी
  • वाड्रफनगर, बलरामपुर – 1 सेमी
  • गादीरास, सुकमा – 1 सेमी
  • अमलीपदर, गरियाबंद – 1 सेमी
  • बस्तर – 1 सेमी
  • बकावंड, बस्तर – 1 सेमी
  • पेंड्रा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही – 1 सेमी
  • गंगालूर, बीजापुर – 1 सेमी

इन आंकड़ों से साफ है कि फिलहाल बारिश पूरे प्रदेश में समान रूप से नहीं हो रही है। कुछ सीमित क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जबकि कई जिलों में बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं।

मानसून की मौजूदा स्थिति का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। जिन इलाकों में पर्याप्त बारिश हो चुकी है, वहां फिलहाल स्थिति सामान्य रह सकती है। वहीं जिन क्षेत्रों में बारिश की कमी है, वहां किसानों की नजर बुधवार से सक्रिय होने वाले मौसम पर रहेगी।

अगले दो दिनों में अगर प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होती है तो खेती-किसानी के लिए यह राहत की खबर हो सकती है। हालांकि, जिन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, वहां खेतों में जलभराव और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति से भी सावधान रहना होगा।

मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई है। ऐसे मौसम में खासतौर पर खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।

बारिश और बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने, खुले मैदान में रहने और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।

फिलहाल छत्तीसगढ़ में बारिश की रफ्तार भले ही धीमी पड़ गई हो, लेकिन मौसम विभाग के अनुमान ने आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद जगाई है। मंगलवार को जहां बारिश सीमित रहने की संभावना है, वहीं बुधवार से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

ऐसे में उमस और गर्मी से परेशान लोगों को एक बार फिर अच्छी बारिश का इंतजार है। आने वाले दिनों में मानसूनी सिस्टम कितना सक्रिय होता है, इसी पर प्रदेश में बारिश का अगला दौर निर्भर करेगा।

कुल मिलाकर मंगलवार को मौसम शांत रहने के बाद बुधवार से छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर फिर जोर पकड़ सकता है। कुछ इलाकों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।

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