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बिहार चुनावी बिगुल बजा: विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में, तय हुई मतदान की तारीखें

निर्वाचन आयोग ने किया ऐलान — दो चरणों में होगा मतदान, लागू हुई आचार संहिता

नामांकन की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर, प्रत्याशियों की सूची 20 को जारी होगी

राजनीतिक दलों में हलचल तेज़ — टिकट वितरण और प्रचार रणनीतियाँ जोरों पर

14 नवंबर को तय होगा बिहार का भविष्य — सत्ता में वापसी या नया इतिहास?

       नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में सियासी हलचल तेज़ हो गई है! भारतीय निर्वाचन आयोग ने आज 2025 विधानसभा चुनाव की तारीखों की औपचारिक घोषणा कर दी है। चुनाव दो चरणों में होंगे — पहला चरण 6 नवंबर (गुरुवार) को और दूसरा चरण 11 नवंबर (मंगलवार) को।

मतदान के बाद 14 नवंबर 2025 को मतगणना की जाएगी और इसी दिन बिहार की नई सरकार का भविष्य तय होगा।

मुख्य चुनाव कार्यक्रम

  • पहला चरण मतदान: 6 नवंबर 2025 (गुरुवार)

  • दूसरा चरण मतदान: 11 नवंबर 2025 (मंगलवार)

  • मतगणना (नतीजे): 14 नवंबर 2025 (शुक्रवार)

       इन तारीखों की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। यानी अब कोई नई सरकारी घोषणा, योजना या प्रचार नहीं किया जा सकेगा।

नामांकन प्रक्रिया की अहम तारीखें

  • नामांकन की अंतिम तिथि: 17 अक्टूबर 2025

  • नाम वापसी की अंतिम तिथि: 20 अक्टूबर 2025

  • अंतिम प्रत्याशी सूची जारी: 20 अक्टूबर 2025 के बाद

       निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रत्याशी नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी। इसी सूची से यह तय होगा कि कौन-से नेता किस सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे।

सियासी माहौल गर्माया, रणनीतियाँ तेज़

       चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी दलों में हलचल तेज़ हो गई है।

  • एनडीए, महागठबंधन और तीसरे मोर्चे के नेता अब मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।

  • राजनीतिक दलों ने अपने प्रचार अभियान को डिजिटल मोड से लेकर ज़मीनी स्तर तक सक्रिय कर दिया है।

  • टिकट वितरण को लेकर अंदरूनी बैठकों का दौर तेज़ है।

क्या कहती है तारीखों की टाइमिंग?

       राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवंबर का चुनावी मौसम राजनीतिक गर्मी का चरम दौर लेकर आएगा —

       क्योंकि इस बार महिलाओं, युवाओं और बेरोज़गारी जैसे मुद्दे सबसे अहम रहेंगे।

नतीजे तय करेंगे बिहार की दिशा

       14 नवंबर की मतगणना के साथ यह तय हो जाएगा कि क्या नीतीश-मोदी गठबंधन सत्ता में वापसी करेगा या तेजस्वी यादव का महागठबंधन नया इतिहास लिखेगा।

       एक बात तय है — बिहार में लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व शुरू हो चुका है, और हर नजर अब 6, 11 और 14 नवंबर पर टिकी है।

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