राउरकेला स्टील प्लांट के Management Trainees को बड़ा तोहफा, युवा अधिकारियों संग यादों में खो गए DIC

सेल राउरकेला इस्पात संयंत्र में पुनर्निर्मित प्रशिक्षु छात्रावास परिसर का उद्घाटन।
राउरकेला। सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (SAIL – Rourkela Steel plant) में प्रबंधन प्रशिक्षुओं (Management Trainees) के नए बैच के स्वागत के लिए प्रशिक्षु छात्रावास का बड़े पैमाने पर नवीनीकरण किया गया है। निदेशक प्रभारी (आरएसपी) अतनु भौमिक ने प्रशिक्षु छात्रावास परिसर के लिए प्रवेश द्वार ‘आशियाना’, एक रूपान्तरित छात्रावास-3 ‘कोयल छात्रावास’ और एक उन्नत बैडमिंटन कोर्ट ‘शटल प्वाइंट’ का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) एस.आर.सूर्यवंशी, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) तथा अतिरिक्त प्रभार कार्यपालक निदेशक (परियोजना), तरुण मिश्र, कार्यपालक निदेशक (खान) आलोक वर्मा, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) ए.के.बेहुरिया, मुख्य महा प्रबंधक, विभागाध्यक्ष और संयंत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर प्रबंधन प्रशिक्षुओं की दो टीमों के बीच उद्घाटन बैडमिंटन मैच का आयोजन किया गया, जिसमें से एक का नेतृत्व श्री भौमिक और दूसरे का नेतृत्व श्री सूर्यवंशी ने किया।
पचास कमरों वाले दो मंजिला कोयल छात्रावास में नए सिरे से टाइल वाले फर्श और काँच की खिड़कियाँ लगाकर पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया गया है। प्रत्येक भरी-पूरी ट्विन-शेयरिंग कमरे अब आधुनिक सुविधाओं जैसे वातानुकूलन, रेफ्रिजरेटर, गीजर और टेलीविजन से सुसज्जित है। छात्रावास में मनोरंजन सुविधाओं के साथ एक पुनर्निर्मित कॉमन रूम भी है जिसमें डी.टी.एच. कनेक्शन के साथ दीवार पर लगे टेलीविजन, टेबल टेनिस टेबल और कैरम बोर्ड शामिल हैं।
‘शटल प्वाइंट’ बैडमिंटन कोर्ट को लकड़ी वाले नए फर्श और स्पष्ट रूप से चिह्नित रेखाओं के साथ अपग्रेड किया गया है, जिससे यह आकर्षक लगने के साथ-साथ खेलने के लिए भी एक बेहतर स्थान बन गया है ।
ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग के दायरे में आने वाले ‘आशियाना’ के व्यापक नवीनीकरण को महाप्रबंधक प्रभारी (नगर इन्गेनीरी) बीके जोजो, के नेतृत्व में तथा मुख्य महाप्रबंधक (नगर प्रशासन एवं सीएसआर), श्री पी के स्वाईं के परामर्श से टाउन इंजीनियरिंग विभाग की मदद से नया रूप दिया गया। इस समारोह का समन्वयन ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग तथा एचआर-ओडी विभाग द्वारा मुख्य महा प्रबंधक प्रभारी (एच.आर. और एल. एंड डी.) राजश्री बनर्जी के मार्गदर्शन में किया गया।
