चुनावी पारदर्शिता को लेकर कांग्रेस की बड़ी पहल, आयोग से की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग

नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने चुनावी पारदर्शिता, निष्पक्षता और मतदाताओं के विश्वास को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की तथा आयोग के समक्ष तथ्य और आंकड़े प्रस्तुत किए।
इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कानूनी विशेषज्ञ शामिल थे। प्रमुख सदस्यों में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी, वरिष्ठ अधिवक्ता और सांसद विवेक तन्खा, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला, पार्टी महासचिव जयराम रमेश, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दीपा दासमुंशी, मीनाक्षी नटराजन सहित अन्य नेता शामिल रहे।
बैठक के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। पार्टी ने मतदान प्रतिशत, फॉर्म-17सी के आंकड़ों, मतगणना प्रक्रिया और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए सभी आंकड़ों और प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना आवश्यक है।
इसके अलावा कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आचार संहिता के कथित उल्लंघनों, संवेदनशील क्षेत्रों में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने तथा प्रशासनिक निष्पक्षता जैसे विषयों को भी चुनाव आयोग के समक्ष उठाया। पार्टी ने मांग की कि सभी राजनीतिक दलों के लिए समान और निष्पक्ष वातावरण सुनिश्चित किया जाए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।
कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव आयोग की निष्पक्ष भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं चुनाव आयोग ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुना और संबंधित मुद्दों पर नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुसार विचार करने का आश्वासन दिया।
इस मुलाकात को आगामी चुनावी और राजनीतिक घटनाक्रमों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर उठाए गए मुद्दे आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का प्रमुख हिस्सा बन सकते हैं।



