
नई दिल्ली। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान एक साधारण रेहड़ी-ठेला चलाने वाले मोहम्मद इरफ़ान अचानक पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए। कैमरे के सामने उनके भावुक और बेबाक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद उन्हें लोग “वायरल बॉय इरफ़ान” के नाम से पहचानने लगे।
रिपोर्टों के अनुसार, मोहम्मद इरफ़ान दिल्ली की एक झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में रहते हैं और रोज़ी-रोटी के लिए रेहड़ी लगाकर अपना जीवनयापन करते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें औपचारिक शिक्षा का अवसर नहीं मिला, लेकिन वे सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान इरफ़ान ने कहा, “भरपेट रोटी खा लेना ही जीवन नहीं है, इंसान को सम्मान और अधिकार भी चाहिए।” उनका यह बयान देखते ही देखते सोशल मीडिया पर लाखों लोगों तक पहुंच गया। उन्होंने महंगाई, जीएसटी, बढ़ते खर्च और आम मजदूरों की परेशानियों को लेकर भी अपनी नाराज़गी व्यक्त की।
इरफ़ान ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल के कहने पर प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए, बल्कि अपनी व्यक्तिगत समस्याओं और आम लोगों की पीड़ा को सामने रखने के लिए वहां पहुंचे थे। उनका कहना था कि वे स्वयं को देश का एक सामान्य नागरिक और कार्यकर्ता मानते हैं, जो व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को उजागर करना चाहता है।
उनकी लोकप्रियता बढ़ने के बाद कई मीडिया संस्थानों ने उनकी झुग्गी बस्ती पहुंचकर उनके परिवार, जीवनशैली और आर्थिक परिस्थितियों पर विस्तृत रिपोर्टिंग की। बाद के दिनों में वे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में आयोजित प्रदर्शनों में भी दिखाई दिए।
हालांकि, मोहम्मद इरफ़ान किसी राजनीतिक दल के आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं हैं। उनकी पहचान एक ऐसे आम नागरिक के रूप में बनी, जिनके वक्तव्य ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया और आम लोगों की समस्याओं को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बना दिया।



