
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में ग्रामीण नवाचारों और ‘क्रिएट इन इंडिया’ पहल पर दिया जोर
ग्राम्य कला, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण में योगदान करने वालों की सराहना, युवाओं को क्रिएटिव इंडस्ट्री से जुड़ने का आह्वान
ग्रामीण क्षेत्रों में कला-संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए हो रहे प्रयासों को प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में सराहा
तेलंगाना के श्री के एन राजशेखर द्वारा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर रोज एक पेड़ लगाने की पहल की प्रशंसा
संथाली भाषा को संरक्षित करने के लिए श्री रामजीत टुडू और औषधीय पौधों को बचाने के लिए शिक्षिका शुभाश्री के प्रयासों का जिक्र
प्रधानमंत्री ने गेमिंग, एनीमेशन, फिल्म मेकिंग, पोस्टर मेकिंग, बैंड्स, और कम्युनिटी रेडियो जैसे क्षेत्रों में युवाओं को ‘क्रिएट इन इंडिया’ से जुड़ने की अपील की
‘क्रिएट इन इंडिया’ पहल में 25 विविध चैलेंज शामिल, जो रचनात्मकता को प्रोत्साहित करेंगे
रायपुर। ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोग अपनी कला, संस्कृति, परंपराओं और अमूल्य विरासत को संजोने में निरंतर योगदान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से इन प्रयासों की सराहना करते हुए इन्हें गर्व से देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। इस पहल से देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे नवाचारों और रचनात्मक प्रयासों के बारे में जानने और प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस प्रकार से देशभर के लोगों की अनूठी पहल को उजागर किया, उससे हमें सीखने और प्रेरित होने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्रीमती गोमती साय, विधायक श्री भैया लाल राजवाड़े, युवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री कमलचंद्र भंजदेव, पद्मश्री सुनील जोगी सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में उल्लेखित प्रमुख योगदान:
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अमेरिका प्रवास का जिक्र करते हुए वहां की प्रेरणादायक घटनाओं को साझा किया। इसके अलावा, उन्होंने तेलंगाना के श्री के एन राजशेखर के प्रयासों की प्रशंसा की, जिन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर रोज एक पेड़ लगाने का संकल्प लिया।
उन्होंने संथाली भाषा को संरक्षित करने में श्री रामजीत टुडू के कार्यों और मदुरै की शिक्षिका शुभाश्री के औषधीय पौधों के संरक्षण के प्रयासों का भी उल्लेख किया। ये सभी व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्रों में अद्वितीय योगदान दे रहे हैं, जो न केवल उनकी स्थानीय परंपराओं को सहेजने में मददगार हैं, बल्कि पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
नए जमाने की नौकरियों के लिए ‘क्रिएट इन इंडिया’ पहल पर जोर:
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में यह भी बताया कि आधुनिक समय में नौकरी के स्वरूप में लगातार परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने गेमिंग, एनीमेशन, फिल्म मेकिंग, पोस्टर मेकिंग, बैंड्स, और कम्युनिटी रेडियो जैसी क्रिएटिव विधाओं से जुड़े युवाओं को भारत सरकार की ‘क्रिएट इन इंडिया’ पहल से जुड़ने का आह्वान किया।
‘क्रिएट इन इंडिया’ के तहत 25 विभिन्न चुनौतियाँ शामिल की गई हैं, जो रचनात्मकता को बढ़ावा देंगी और कलाकारों को अपनी क्रिएटिविटी को व्यापक रूप से प्रदर्शित करने का मौका देंगी। इससे इन रचनात्मक विधाओं में लगे लोग अपने कार्यों को देश और दुनिया के सामने ला सकेंगे, और इस क्षेत्र में नए अवसरों की प्राप्ति कर सकेंगे।
यह कार्यक्रम देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने में एक बड़ा मंच प्रदान करता है और प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है, जो ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर आधुनिक क्रिएटिव इंडस्ट्री तक, सभी क्षेत्रों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश देती है।



