राहुल गांधी को विशेषाधिकार नोटिस, 28 अगस्त तक देना होगा जवाब—संसद में गरमाया बयान विवाद

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों को लेकर संसद में विवाद गहरा गया है। लोकसभा सचिवालय ने उन्हें विशेषाधिकार हनन के दो नोटिस जारी किए हैं और औपचारिक जवाब दाखिल करने के लिए 28 अगस्त 2026 तक का समय दिया है। यह कार्रवाई भाजपा सांसदों की शिकायतों के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर शुरू हुई है।
मामला संसद के मानसून सत्र के दौरान ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर हुई चर्चा से जुड़ा बताया जा रहा है। चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर तीखी टिप्पणियां कीं। भाजपा सांसदों का आरोप है कि उनके बयान सदन की मर्यादा और संसदीय नियमों के अनुरूप नहीं थे।
विवाद की एक अहम कड़ी उन शब्दों को लेकर भी है, जिन्हें भाजपा सांसदों ने अमर्यादित और असंसदीय बताया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि राहुल गांधी ने बहस के दौरान ‘मूर्ख’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। भाजपा की ओर से इन टिप्पणियों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई।
मामले में दो अलग-अलग विशेषाधिकार शिकायतों के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ी है। अब राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। इसके बाद विशेषाधिकार समिति उनके जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार कर सकती है तथा आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
इस घटनाक्रम ने संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। एक ओर भाजपा सांसद संसदीय मर्यादा और सदन की गरिमा का मुद्दा उठा रहे हैं, वहीं विपक्ष की ओर से सरकार पर सवाल उठाने और तीखी राजनीतिक बहस के अधिकार की बात की जाती रही है।
अब सबकी नजर 28 अगस्त पर है—क्योंकि राहुल गांधी के जवाब के बाद यह साफ होगा कि यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है और विशेषाधिकार प्रक्रिया का अगला कदम क्या होता है।



