RAIPUR PRESS CLUB FIRING: प्रेस क्लब में हवाई फायरिंग से हड़कंप!

रायपुर। राजधानी रायपुर के प्रेस क्लब परिसर में शनिवार शाम कथित हवाई फायरिंग, गाली-गलौज और पदाधिकारियों को धमकाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पत्रकारों के बीच चिंता का माहौल है। मामले में पुलिस ने आरोपी युवक पलाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, घटना में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई रिवॉल्वर अब तक बरामद नहीं होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, कुछ पत्रकारों के सामने आरोपी द्वारा रिवॉल्वर को लाइसेंसी बताने की बात भी कही जा रही है। हथियार के लाइसेंस की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम रायपुर प्रेस क्लब परिसर में रोजाना की तरह कुछ लोग बैठे हुए थे। इसी दौरान पलाश तिवारी नामक युवक ने कथित तौर पर कुछ पदाधिकारियों को लेकर नाराजगी जतानी शुरू कर दी। आरोप है कि युवक ने प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी सहित अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ अपशब्द कहे और उन्हें धमकाया। इसी दौरान परिसर में कथित तौर पर हवाई फायरिंग किए जाने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि युवक किसी ग्रुप में पत्रकारों द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर भी नाराज था। उसने संबंधित व्यक्ति को मौके पर बुलाने की बात कही।
घटना के बाद भी आरोपी कुछ समय तक परिसर में बैठा रहा और प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को बुलाने की मांग करता रहा। दोपहर से हथियार लेकर घूमने का दावा घटना को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवक शनिवार दोपहर से ही प्रेस क्लब परिसर में हथियार लेकर घूम रहा था। बताया जा रहा है कि वह प्रेस क्लब के कुछ पदाधिकारियों से मिलना चाहता था। उनके मौके पर नहीं मिलने के कारण उसकी नाराजगी बढ़ गई। इस दौरान प्रेस क्लब के कर्मचारियों से भी उसकी नोकझोंक होने की बात सामने आई है। आरोप है कि युवक ने कर्मचारियों को भी रिवॉल्वर दिखाई। हालांकि, आरोपी किस व्यक्ति से मिलना चाहता था और कथित फायरिंग के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
थाने रिवॉल्वर को लाइसेंसी बताने का दावा, हथियार बरामद नहीं इस मामले में हथियार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने कुछ पत्रकारों को रिवॉल्वर दिखाते समय उसके लाइसेंसी होने का दावा किया था। हालांकि, रिवॉल्वर का लाइसेंस किसके नाम पर है और वह वैध है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि कथित फायरिंग के बाद आरोपी गोली का खोखा भी अपने साथ ले गया। वहीं, घटना में इस्तेमाल किए जाने का आरोप जिस हथियार पर है, वह भी अब तक बरामद नहीं होने की जानकारी दी गई है।ऐसे में हथियार के स्रोत और घटना से जुड़े साक्ष्यों को लेकर सवाल बने हुए हैं।
सीसीटीवी में हरकतें कैद होने की जानकारी प्रेस क्लब परिसर में हुई घटना के दौरान आरोपी की गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि सीसीटीवी फुटेज में कथित फायरिंग भी रिकॉर्ड हुई है या केवल आरोपी की अन्य गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। घटना से संबंधित फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच से पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। पलाश तिवारी गिरफ्तार, अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पलाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया था। इसके अलावा उसे किसी व्यक्ति ने उकसाया था या नहीं और घटना में अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं, इन पहलुओं की भी जांच की जा रही है। घटना के कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि आरोपी और उसके साथियों ने परिसर में अपना प्रभाव दिखाने के उद्देश्य से ऐसा व्यवहार किया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पत्रकारों में चिंता, घटना की वजह स्पष्ट होने का इंतजार रायपुर प्रेस क्लब के वरिष्ठ सदस्यों ने भी घटना को गंभीरता से लिया है। पत्रकारों के बीच इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि प्रेस क्लब जैसे परिसर में हथियार दिखाने, धमकी देने और कथित फायरिंग की स्थिति कैसे बनी। फिलहाल आरोपी पलाश तिवारी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है, लेकिन कथित फायरिंग में इस्तेमाल हथियार, गोली के खोखे और घटना के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर कई बातें स्पष्ट होना बाकी हैं।
पुलिस जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई, हथियार कहां से आया और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। प्रेस क्लब अध्यक्ष की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि 24 अक्टूबर की शाम लगभग 5:30 बजे प्रेस क्लब परिसर में कुछ अवांछनीय तत्वों द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की जानकारी सदस्यों से मिली थी। शिकायत में कहा गया है कि इस घटना से प्रेस क्लब की शांति भंग हुई और परिसर में भय का वातावरण निर्मित करने की कोशिश की गई। अध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से आवश्यक जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
शिकायत में पलाश तिवारी का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने पिस्टल से हवाई फायरिंग की और धमकी भी दी। आर्म्स एक्ट सहित चार धाराओं में अपराध दर्ज सिटी कोतवाली पुलिस ने शिकायत का परीक्षण करने के बाद आरोपी के खिलाफ चार धाराओं में अपराध दर्ज किया है। एफआईआर में आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25 और 27 लगाई गई हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 125 और 351(2) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। प्रेस क्लब चुनाव से पहले हवाई फायरिंग की घटना ने बढ़ाई सियासी हलचल रायपुर प्रेस क्लब में हुई कथित हवाई फायरिंग की घटना को आगामी प्रेस क्लब चुनाव के नजरिए से भी देखा जा रहा है। पत्रकारों के बीच इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।



