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राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड: राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017 और आरआईएनएल का जीवनदान

  • आरआईएनएल अपनी पूर्ण स्थापित क्षमता पर प्रति वर्ष 7.3 मिलियन टन तरल इस्पात और 6.7 मिलियन टन बिक्री योग्य इस्पात का उत्पादन करने की क्षमता रखता है।

सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। भारत सरकार (Government of India)  ने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) (Rashtriya Ispat Nigam Limited (RINL)) में इक्विटी पूंजी के रूप में 10,300 करोड़ रुपए प्रदान करने की मंजूरी दी है। आपातकालीन निधि के रूप में पहले से उपलब्ध कराए गए 500 करोड़ रुपए सहित और 1140 करोड़ रुपए कार्यशील पूंजी ऋण को 7 प्रतिशत गैर-संचयी वरीयता शेयर पूंजी के रूप में परिवर्तित करने को मंजूरी दी है। इसे 10 वर्षों के बाद भुगतान करके वापिस लिया जा सकेगा, ताकि आरआईएनएल को चालू हालत में रखा जा सके।

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आरआईएनएल अपनी पूर्ण स्थापित क्षमता पर प्रति वर्ष 7.3 मिलियन टन तरल इस्पात और 6.7 मिलियन टन बिक्री योग्य इस्पात का उत्पादन करने की क्षमता रखता है।

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भारत ने 2023-24 में 144.2 मिलियन टन इस्पात उत्पादन हासिल किया। आरआईएनएल के पुनरुद्धार से राष्ट्रीय इस्पात नीति, 2017 के उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

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इस्पात एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा (Minister of State for Steel and Heavy Industries Bhupatiraju Srinivas Verma) ने लोकसभा में एक प्रश्‍न के लिखित उत्तर में कहा-सरकार की यह मंजूरी वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) तक आरआईएनएल के क्षमता उपयोग को वर्तमान स्तर लगभग 63 प्रतिशत से बढ़ाकर 92.5 प्रतिशत करने से जुड़ी है।

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